Keshav ki khani
केशव हीरानी अपने आलीशान बंगले के आलीशान बेडरूम में बेखबर सो रहे थे । उनकी यह आदत थी कि वह रात का खाना 10:00 बजे खाकर अपने बेडरूम में आ जाते थे और 10:00 बजे का न्यूज़ बुलेटिन सुनकर सो जाते थे ।
वह खाने के दौरान या खाने से पहले या बाद में शराब नहीं पीते थे । शराब क्या वह कोई दूसरी नशीली चीज भी न खाते थे न पीते थे । यही कारण था कि 60 वर्ष के हो जाने के बाद भी केशव हीरानी आज भी पूर्ण रूप से स्वस्थ और चुस्त थे ।
केशव हीरानी सो जाने के बाद सुंदर सपने देखते थे । वे सुंदर सपने उनके बेटे कमल हीरानी के बारे में होते थे, उनकी बेटी तमन्ना हीरानी के बारे में होते थे । उन दोनों के भविष्य के बारे में होते थे, उनके बिजनेस के बारे में होते थे जो दिन-ब-दिन तरक्की कर रहा था ।
उनकी रेडिमेड गारमेंट्स की मुंबई के पास ठाणे जिले में एक बड़ी फैक्ट्री थी और बांद्रा कुर्ला रोड पर उनका इंपोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस था ।
उनके बेटे कमल हीरानी ने जो लंदन से बिजनेस मैनेजमेंट की डिग्री लेकर आया था, उसने अपने डैडी के सारे बिजनेस को संभाल लिया था । केशव हीरानी अपने बेटे कमल को बिजनेस के सलाह-मशवरे देते रहते थे जिस पर कमल पूरी तरह से अमल करता था । जब से कमल ने अपने डैडी का बिजनेस संभाला था तब से बिजनेस दिन दूनी, रात चौगुनी तरक्की कर रहा था ।
केशव हीरानी का प्लान था कि मुंबई में उनका मुख्य कार्यालय रहे और दिल्ली कोलकाता और चेन्नई में उनके ब्रांच ऑफिस हों । उसके बाद उनका प्लान था कि भारत के सब प्रांतों की राजधानी में उनका ऑफिस हो ।
केशव हीरानी अपने बढ़ते हुए बिजनेस से और कमल की बिजनेस में दिलचस्पी देखकर बड़े हुए थे । उन्होंने जिंदगी में जो भी चाहा था उन्हें मिल गया था, इज्जत शोहरत और दौलत । इसलिए केशव हीरानी अपने आपको एक भाग्यशाली व्यक्ति समझते थे । वह अपनी कमाई का खासा हिस्सा दान पुण्य के काम में भी खर्च करते थे । उन्होंने एक वेलफेयर ट्रस्ट स्थापित किया हुआ था । उस ट्रस्ट में काफी रुपया फिक्स्ड डिपाजिट में रखा हुआ था । उसकी कमाई से वह गरीब बच्चों को पढ़ाई का खर्च देते थे और गरीबों की लड़कियों की शादी भी करा देते थे । अपने इन कार्यों की वजह से केशव हीरानी अपने इलाके में बड़ी इज्जत से देखे जाते थे । इलाके के लोग उनका बड़ा आदर और सम्मान करते थे । उनकी बस यही इच्छा थी कि उनके जीवन में ही उनके बेटे कमल हीरानी और बेटी तमन्ना की शादी हो जाए । उनके बेटे कमल की एक लड़की सौंदर्या से मंगनी हो गई थी लेकिन उनकी लड़की तमन्ना का रिश्ता कहीं तय नहीं हुआ था ।
केशव हीरानी के मडआईलैंड वाले बंगले के पास ही उनका एक पुरखों का बंगला भी था जो अब बहुत पुराना हो गया था । यह बंगला अब केशव हीरानी की रेस के घोड़ों का घर बन गया था । उन्होंने अपने पुरखों के पुराने बंगले को एक अस्तबल के बदल दिया था जहाँ उनके रेस के घोड़े रहते थे । उन घोड़ों की सेवा के लिए कुछ कोचवान भी रखे हुए थे जो उनके रेस के घोड़े की सेवा किया करते थे ।
केशव हीरानी का पुणे में भी एक अस्तबल था । उस अस्तबल में भी उनके रेस के घोड़े रहा करते थे । वहाँ भी उन्होंने घोड़ों की सेवा के लिए को कोचवान रखे हुए थे ।
केशव हीरानी के बस दो शौक थे । एक शूटिंग का और दूसरा रेस कोर्स का फल स्टाफ व शूटिंग के कई मुकाबलों में हिस्सा लेकर कई अवॉर्ड और कई ट्रॉफीज जीत चुके थे । एशियन गेम में वह शूटिंग के मुकाबले में सोने का मेडल जीत चुके थे ।
मुंबई की महालक्ष्मी रेस कोर्स स्टेडियम में उनके घोड़े रेस में हिस्सा लेते थे । इसी तरह पुणे की डर्बी रेस में भी उनके घोड़े रेस में हिस्सा लेते थे ।
रेस के घोड़े को खरीदना और बेचना भी उनका एक बिजनेस था । इस बिजनेस से भी उन्हें अच्छी-खासी आमदनी थी ।
केशव हीरानी जब बिजनेस टूर पर लंदन जाते थे तो वहाँ की डर्बी रेस में भी हिस्सा लेते थे । हालांकि वहाँ पर उनका कोई अस्तबल नहीं था, न घोड़े थे लेकिन वहाँ पर रेस के घोड़े पर वह बेटिंग लगाते थे और उस बेटिंग में उनकी जीत होती थी ।
बिजनेस टूर पर अक्सर लंदन जाने से और वहाँ की डर्बी रेस में हिस्सा लेने से केशव हीरानी को लंदन से खास लगाव-सा हो गया था । लंदन में जो भारतीय जाकर बस गए थे उनमें उनकी एक छवि बनती जा रही थी ।
केशव हीरानी के बेटे कमल हीरानी ने जब मुंबई यूनिवर्सिटी से एम कॉम फर्स्ट डिवीजन से पास किया तो केशव हीरानी ने अपने बेटे को एमबीए (मास्टर्स ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) की डिग्री के लिए उसे लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में भेज दिया था ।
वह चाहते थे कि उनका बेटा बिजनेस से संबंधित सारे नुक्ते जान जाए ताकि उनके बाद उनका बेटा उस बिजनेस को उसी तरह से आगे बढ़ाएँ जिस तरह उन्होंने उस बिजनेस को आगे बढ़ाया था ।
केशव हीरानी ने अपने बेटे कमल हीरानी की शादी अपने एक दोस्त की बेटी सौंदर्या से तय कर दी थी । सौंदर्या एक सुंदर और सुशील लड़की थी और बचपन से उनके घर आती-जाती थी ।
सौंदर्या, केशव हीरानी को भी पसंद थी और कमल हीरानी को भी । सबसे बड़ी खास बात यह थी कि कमल और सौंदर्या के होरोस्कोप मिलते थे जिसकी वजह से उन्होंने यह रिश्ता तय कर दिया था ।
केशव हीरानी को अपनी बेटी तमन्ना के लिए अपने मित्रों के कुछ लड़के पसंद आए लेकिन उनके होरोस्कोप मैच न होने की वजह से वह अपनी बेटी तमन्ना का रिश्ता अब तक तय नहीं कर सके थे ।
उनके कुछ मित्रों ने उन्हें समझाया था कि होरोस्कोप पर विश्वास करना अंधविश्वास है लेकिन न जाने क्यों उनका मन कहता था कि वह अपनी बेटी की शादी उसी लड़के से करेंगे जिसके होरोस्कोप तमन्ना के होरोस्कोप से मैच होंगे ।
उन्होंने तमन्ना को यह छूट दे रखी थी कि उसे अगर कोई लड़का पसंद आए तो वह बिना झिझक उसे उनसे मिलवा सकती है । वह लड़का चाहिए मिडिल-क्लास परिवार से ही क्यों न संबंध रखता हो । बस शर्त यह है कि वह हैंडसम और पढ़ा-लिखा होना चाहिए और उसके होरोस्कोप तमन्ना के होरोस्कोप से मिलने चाहिए ।
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